ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को गंजाम जिले के प्रसिद्ध मां तारातारिणी मंदिर से राज्य सरकार की प्रमुख सामूहिक विवाह योजना ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ का शुभारंभ किया। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिसके तहत विवाह का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और नवविवाहित जोड़ों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत 18 से 35 वर्ष की आयु की दुल्हनें और 21 से 35 वर्ष की आयु के दूल्हे पात्र होंगे। प्रत्येक दुल्हन को 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें से 35,000 रुपये सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उसके बैंक खाते में जमा किए जाएंगे। इसके अलावा 6,000 रुपये विवाह संबंधी खर्चों के लिए और 10,000 रुपये उपहार के रूप में दिए जाएंगे।
उपहार पैकेज में साड़ी, चूड़ियां, पायल, बिछिया, आलता, सिंदूर और अन्य पारंपरिक श्रृंगार सामग्री के साथ-साथ घरेलू उपयोग की वस्तुएं जैसे बर्तन, कुशन और अन्य सामान शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यापक सहायता विवाह के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी संजोए रखने के लिए दी जा रही है।
मां तारातारिणी मंदिर में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान 201 जोड़ों ने सामूहिक रूप से विवाह किया। सरकार ने स्थल, धार्मिक अनुष्ठानों और सामुदायिक उत्सव सहित सभी व्यवस्थाएं कीं, ताकि प्रतिभागियों पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े।
योजना के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “विवाह एक पवित्र संस्कार है और इसे संपन्न करने के लिए किसी भी परिवार को आर्थिक संकट नहीं झेलना चाहिए। यह योजना ओडिशा के हजारों परिवारों को सम्मान और राहत प्रदान करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप राज्यभर में निश्चित तिथियों पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दहेज प्रथा को कम करने और समानता को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। योजना के शुभारंभ के लिए मां तारातारिणी मंदिर का चयन प्रतीकात्मक महत्व रखता है, क्योंकि यह मंदिर ओडिशा के प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है और योजना की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक जड़ों को दर्शाता है।