भुवनेश्वर के तमांडो थाना पुलिस ने सोशल मीडिया से महिलाओं की तस्वीरें चुराकर फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस का ऑनलाइन विज्ञापन चलाने वाले एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमाकांत दलेई, चित्तरंजन मोहंती, तोफान प्रधान और मिंजी भोई के रूप में हुई है। महिलाओं की तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल कर फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस प्लेटफॉर्म चलाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।
एसीपी (सब-डिवीजन-III) प्रशांत कुमार साहू के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया अकाउंट्स से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर उनकी जानकारी या सहमति के बिना फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और उन्हें एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ऑनलाइन प्रचारित करते थे।
पुलिस के मुताबिक, इन फर्जी प्रोफाइल के जरिए ग्राहक तलाशे जाते थे और उनसे डिजिटल माध्यम से एडवांस रकम ली जाती थी। पैसा मिलते ही आरोपी ग्राहकों से संपर्क तोड़ देते थे और फरार हो जाते थे।
इस गिरोह का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी तस्वीर का इस्तेमाल एक फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस वेबसाइट पर किया जा रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर जाल बिछाया।
सादे कपड़ों में पुलिस टीम शिकायतकर्ता के साथ तय स्थान पर पहुंची और नकली ग्राहक बनकर कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी कथित तौर पर ग्राहक से पैसे लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिए गए।
एसीपी प्रशांत कुमार साहू ने बताया, "ऑपरेशन के दौरान बैकअप के लिए एक अन्य पुलिस टीम भी तैनात थी। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और वाहन जब्त किए गए हैं।"
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुका हो सकता है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी ठगी को अंजाम देने और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई सिम कार्ड, बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों का विवरण और यूपीआई लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनका संबंध इस ठगी रैकेट से होने की आशंका है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।