ओडिशा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को अधिक तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया है। इस संबंध में कई महत्वपूर्ण फैसले ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (OSPCB) की 135वीं बोर्ड बैठक में लिए गए। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनु गर्ग ने लोक सेवा भवन में की।
बैठक में ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तकनीकी और संस्थागत क्षमता मजबूत करने, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, अनुसंधान परियोजनाओं और तटीय पर्यावरण निगरानी को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
पारादीप स्थित सेंटर फॉर मरीन एंड कोस्टल एनवायरनमेंट (CMCE) को तटीय पर्यावरण निगरानी और विश्लेषण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्य सचिव ने इसे विज्ञान, डेटा और तकनीक से लैस एक एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में कटक, झारसुगुड़ा, कोरापुट, कलिंगनगर, भुवनेश्वर, केंदुझर और संबलपुर में ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थायी क्षेत्रीय कार्यालय बनाने तथा पटिया प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा हुई। नए भवनों में वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और वर्मी-कम्पोस्टिंग जैसी हरित सुविधाएं शामिल करने को कहा गया।
पर्यावरण संबंधी फैसलों के लिए नयापल्ली स्थित ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसमें प्रयोगशाला, जल नमूना विश्लेषण और फील्ड मॉनिटरिंग से जुड़े डेटा को एकीकृत किया जाएगा।
नदियों, तालाबों, मुहानों और तटीय जल की गुणवत्ता जांच के लिए रोबोटिक तकनीक और फील्ड निगरानी के लिए ड्रोन के व्यापक इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए ओडिशा फ्लाई ऐश एटलस तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें फ्लाई ऐश के उत्पादन, उपलब्धता, मांग और उत्पादकों से अंतिम उपयोगकर्ताओं तक उसके परिवहन का डेटा दर्ज होगा। इसके अलावा फ्लाई ऐश के बायो-स्टेबिलाइजेशन और बायो-ट्रांसफॉर्मेशन पर शोध किया जाएगा।
ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट को नागरिकों के लिए अधिक आसान बनाने के लिए आंकड़ों को चार्ट, विजुअल, सरल जानकारी और डिजिटल प्रारूप में प्रस्तुत करने का प्रस्ताव है। वहीं, विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में कॉमिक और ई-कॉमिक पुस्तकों के वितरण की भी योजना है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने वैज्ञानिक, तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पर्यावरण प्रशासन विकसित करने के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। बैठक में ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव मनोज वी. नायर, बोर्ड सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।