ओडिशा सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 136 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वहीं, अब तक 5,044 क्षतिग्रस्त मकानों की रिपोर्ट मिली है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रभावित जिलों में राहत कार्य जारी हैं और नुकसान के अंतिम आकलन के आधार पर अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि अब तक ओडिशा के बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए 136 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। कुछ जिलों से पूरी रिपोर्ट मिल चुकी है, जबकि कुछ अन्य जिलों की रिपोर्ट अभी प्राप्त होनी बाकी है। मंत्री ने बताया कि कुछ इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरा है। सभी प्रभावित जिलों से अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार धनराशि जारी की जाएगी।
मंत्री पुजारी ने बताया कि पहले चरण में बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए 110 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इनमें बालेश्वर को 22 करोड़, जाजपुर और भद्रक को 20-20 करोड़ रुपये दिए गए। सुंदरगढ़, रायगढ़ा और मलकानगिरी को एक-एक करोड़ रुपये मिले।
इसके बाद सरकार ने प्रभावित जिलों के लिए 26 करोड़ रुपये और जारी किए। भद्रक को अतिरिक्त 5 करोड़, जगतसिंहपुर को 2 करोड़, जाजपुर को 5 करोड़, कटक को 2 करोड़, केंदुझर को 5 करोड़, बालेश्वर को 5 करोड़ और मयूरभंज को 2 करोड़ रुपये दिए गए।
मंत्री ने बताया कि राहत कार्यों के दौरान 90.5 क्विंटल चावल, 2,692 क्विंटल चूड़ा और 356.3 क्विंटल गुड़ का उपयोग या वितरण किया गया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए सरकार ने 1,729 मीट्रिक टन पशु चारा भी उपलब्ध कराया है।
बाढ़ से जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें अब तक 8,708 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं। बचाव एवं आपातकालीन कार्यों के लिए प्रभावित इलाकों में 18 ओडीआरएएफ टीमें, 7 एनडीआरएफ टीमें और 140 अग्निशमन सेवा दल तैनात किए गए हैं।
पुजारी ने कहा कि सरकार किसानों और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज पर भी काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को उन्होंने कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के अधिकारियों से चर्चा की थी और बुधवार को कैबिनेट बैठक में विभाग के पैकेज पर चर्चा हुई। धान के बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इन्हें प्रभावित जिलों में भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग तथा सहकारिता विभाग बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए विशेष पैकेज तैयार कर रहे हैं। पैकेज की घोषणा आज या कल की जाएगी। मकानों को हुए नुकसान के संबंध में पुजारी ने कहा कि सरकार को अब तक 5,044 क्षतिग्रस्त मकानों की रिपोर्ट मिली है।
हालांकि, जिला प्रशासन को इन आंकड़ों का दोबारा सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार आकलन से बाहर न रह जाए। मंत्री ने बताया कि क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजे की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
यदि किसी परिवार का क्षतिग्रस्त मकान के आकलन में नाम छूट गया है, तो वह निकटतम आरआई कार्यालय, ग्राम पंचायत कार्यालय, तहसील या बीडीओ कार्यालय में इसकी सूचना दे सकता है।
पुजारी ने कहा कि सत्यापन और नए सर्वेक्षण के बाद पात्र लाभार्थियों को सूची में शामिल किया जाएगा और उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।