सरकारी कर्मचारियों में समय की पाबंदी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ओडिशा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को राज्य भर के राजस्व कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया है।
यह कदम राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी द्वारा 27 अगस्त को किए गए औचक निरीक्षण के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने कर्मचारियों में व्यापक अनुपस्थिति पाई थी। अनुशासनहीनता से निराश होकर मंत्री ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के आदेश दिए।
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जहां भी कर्मचारी अनुपस्थित हों, वहां बायोमेट्रिक प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए और उसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित बायोमेट्रिक उपस्थिति पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए। कर्मचारियों को "कार्यालय पहुंचने" और "कार्यालय से बाहर आने" दोनों का समय दर्ज करना होगा। ऐसा न करने पर उस दिन की अनुपस्थिति मानी जा सकती है।
विभागों को हर पखवाड़े उपस्थिति के आंकड़ों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। महीने में तीन दिन 30 मिनट तक की देरी क्षम्य है; इसके बाद, देरी से आने पर हर तीन दिन के लिए एक दिन का आकस्मिक अवकाश काटा जाएगा। कार्यालय परिसर के बाहर आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए यह छूट रहेगी।
यह निर्देश सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है, कनिष्ठ कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक, सिवाय मुख्यमंत्री, मंत्रियों और राज्यपाल सचिवालय के कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के।
यह पहल प्रौद्योगिकी-संचालित निगरानी के माध्यम से अनुशासन स्थापित करने और शासन में सुधार लाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।