ओडिशा सरकार राज्य के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक (+3) और स्नातकोत्तर (पीजी) शिक्षा को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना के क्रियान्वयन के लिए जल्द ही विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी करेगी। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि एसओपी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही, कॉलेजों द्वारा उठाए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, रखरखाव खर्च और अन्य प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी मुद्दों का भी समाधान किया जाएगा।
सूर्यवंशी सूरज ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल द्वारा पहले ही इस योजना को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों और सरकारी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। हालांकि, स्व-वित्तपोषित एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तथा अनुदानरहित निजी महाविद्यालयों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ महाविद्यालयों ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान और रखरखाव खर्च जैसे मुद्दों पर स्पष्टता मांगी है। इन सभी विषयों पर विभाग एसओपी के माध्यम से चरणबद्ध और व्यापक दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि योजना का सुचारु रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल एवं जनशिक्षा (S&ME) विभाग मिलकर इस योजना के लिए एक मजबूत कार्य-ढांचा तैयार कर रहे हैं। अंतिम एसओपी जारी करने से पहले सरकार कॉलेजों के प्राचार्यों, विद्यार्थियों और अभिभावकों सहित सभी संबंधित पक्षों से भी सुझाव ले रही है।
उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की निःशुल्क शिक्षा योजना का महत्वपूर्ण विस्तार है। अब तक यह सुविधा किंडरगार्टन से कक्षा आठवीं तक उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे सरकारी संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर तक बढ़ाया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा अधिक सुलभ हो सकेगी।
सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि सरकार योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मुद्दों से अवगत है और एसओपी में उन सभी चिंताओं का व्यापक समाधान किया जाएगा, ताकि योजना को बिना किसी बाधा के लागू किया जा सके।