ओडिशा विजिलेंस ने शुक्रवार को केंदुझर जिले के पटना तहसील कार्यालय में कार्यरत एक जूनियर रेवेन्यू असिस्टेंट (जेआरए) को म्यूटेशन काम के लिए रिश्वत मांगने और लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी की पहचान पटना तहसीलदार कार्यालय में तैनात जूनियर रेवेन्यू असिस्टेंट बीएच उमाशंकर के रूप में हुई है।
विजिलेंस के अनुसार, उमाशंकर को एक आवेदक से म्यूटेशन मामले में उसकी फाइल आगे बढ़ाने और आरओआर (भूमि पट्टा) जारी कराने में मदद करने के लिए 6,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
शिकायतकर्ता ने सरकारी नियमों के तहत अपनी जमीन के म्यूटेशन के लिए 3 जून 2026 को ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी लेने पर जेआरए ने फाइल प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उससे 6,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
कोई दूसरा विकल्प नहीं मिलने पर आवेदक ने विजिलेंस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने आज जाल बिछाया और तहसील कार्यालय के गैरेज में उमाशंकर को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया। उसके कब्जे से रिश्वत की पूरी 6,000 रुपये की राशि बरामद कर जब्त कर ली गई।
ट्रैप की कार्रवाई के बाद उमाशंकर से जुड़े दो ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के एंगल से एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस संबंध में भुवनेश्वर विजिलेंस थाना केस संख्या 17/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।