ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कांभमपति ने सोमवार को भुवनेश्वर के महात्मा गांधी मार्ग पर आयोजित राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर भारत के 77वें गणतंत्र दिवस को मनाया गया। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने ओडिशा की विकास महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित किया और राज्य को एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की। परेड में विभिन्न सरकारी सेवाओं, अर्धसैनिक बलों और शैक्षणिक संस्थानों के कुल 46 दस्तों ने भाग लिया। परेड की निगरानी आर. उदयगिरी के एसडीपीओ राकेश कुमार साहू ने की। कोरापुट स्थित प्रथम आईआर बटालियन के उपकमांडेंट शरत चंद्र जानी परेड कमांडर थे, जबकि शेखर महापात्रा ने एडजुटेंट और एसीपी (आर्म्ड) परमेश्वर हांसदा ने विशेष अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
समारोह में कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, वाणिज्य एवं परिवहन, ऊर्जा, मत्स्य एवं पशुपालन (ARD), हथकरघा, वस्त्र, स्वास्थ्य और आवास सहित विभिन्न सरकारी विभागों की 14 झांकियां भी प्रदर्शित की गईं। इन झांकियों के माध्यम से ओडिशा की चल रही विकास परियोजनाओं और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया गया। परेड के बाद सांस्कृतिक दलों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों से भरपूर तालियां मिलीं।
अपने संबोधन में राज्यपाल कांभमपति ने ओडिशा के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और महात्मा गांधी, स्वतंत्रता सेनानियों तथा डॉ. बी.आर. आंबेडकर सहित संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश की सुरक्षा में समर्पित सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस की भी सराहना की।
ओडिशा के विकास लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने बताया कि राज्य का लक्ष्य 2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में शामिल होना है। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समारोह के दौरान जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए, जिनमें प्रमुख मार्गों पर व्यापक सीसीटीवी निगरानी और यातायात डायवर्जन शामिल थे।
बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने परेड दस्तों का उत्साहवर्धन किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया, जिससे यह समारोह ओडिशा के लिए एक यादगार गणतंत्र दिवस बन गया।