मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा कि ओडिशा में ‘दूसरी औद्योगिक क्रांति’ का दौर शुरू हो गया है। पिछले दो वर्षों में राज्य को 21 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जबकि 10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान अब खनन और खनिज क्षेत्र से आगे बढ़कर कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन और आईटी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि आज इस पवित्र मंच से मैं कहना चाहता हूं कि पिछले दो वर्षों में हमारी सरकार के प्रयासों से 21 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 453 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने बताया कि अब तक 152 परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा चुकी है और 3.5 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे 2.5 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
माझी ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म करने के लिए अब हर जिले में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। कपड़ा उद्योग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में ओडिशा के 20 से 30 प्रतिशत कारीगर सूरत, तिरुपुर, बनारस और अहमदाबाद जैसे शहरों में काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि अब हम ओडिशा में कई बड़े कपड़ा और परिधान उद्योग स्थापित कर रहे हैं। इससे ओडिशा के प्रतिभाशाली कारीगरों, खासकर महिलाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ओडिशा में इतने रोजगार के अवसर पैदा करना है कि लोगों को काम के लिए दूर-दराज के राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े।
उन्होंने कहा कि राज्य में पैदा हो रहे रोजगार के अवसरों का असर अब दिखने लगा है और रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के अनुकूल माहौल तैयार किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि आज देश के प्रमुख उद्योगपति भी कह रहे हैं- ‘यही समय है, यही समय है’ ओडिशा में निवेश करने का।” उन्होंने बताया कि नीति आयोग के Investment Friendliness Index 2026 में ओडिशा को देश के शीर्ष पांच राज्यों में स्थान मिला है।
बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ओडिशा अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 6.5 प्रतिशत बुनियादी ढांचे पर खर्च कर रहा है, जो देश में सबसे अधिक है।
केंद्र सरकार के सहयोग से 59 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और करीब 1 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
अन्य प्रमुख परियोजनाओं में 40,000 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और सुधार, पुरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 5,000 करोड़ रुपये की भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (BKPPER) परियोजना शामिल हैं।
राज्य सरकार ने तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं की भी योजना बनाई है। इनमें ब्रम्हपुर से जयपुर तक नमो एक्सप्रेसवे, पारलाखेमुंडी से अंबाभोना तक एक्सप्रेसवे और मोटू से तिरिंगी तक अटल एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि इन तीनों परियोजनाओं पर राज्य सरकार 31,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।