ओडिशा विजिलेंस ने जगतसिंहपुर जिले के तिरतोल ब्लॉक के दो पूर्व सरकारी अधिकारियों को तीन करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि के कथित गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भंज किशोर बेहरा, तिरतोल ब्लॉक के पूर्व एसआरए (SRA) और वर्तमान में नौगांव तहसील में एसआरए के रूप में पदस्थ, तथा प्रदीप्त कुमार मल्लिक, तिरतोल ब्लॉक के पूर्व पीईओ (PEO), जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, के रूप में हुई है। विजिलेंस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला वर्ष 2011-12 से 2021-22 के बीच तिरतोल ब्लॉक कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है।
जांच के दौरान विजिलेंस ने पाया कि बेहरा, मल्लिक और तिरतोल ब्लॉक के दिवंगत पूर्व एईई (AEE) राजदीप हांसदा ने सरकारी वेतन रजिस्टर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों में कथित तौर पर हेरफेर और जालसाजी कर सरकारी धन का व्यवस्थित तरीके से गबन किया।
आरोप है कि आरोपियों ने स्वीकृत बजट से काफी अधिक राशि के फर्जी और बढ़े हुए वेतन बिल तैयार कर उन्हें प्रस्तुत किया। इसके बाद गबन की गई राशि सीधे उनके व्यक्तिगत बचत बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
इस मामले में ओडिशा विजिलेंस ने 12 अगस्त 2026 को कटक विजिलेंस थाना केस संख्या 30 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(a) तथा आईपीसी की धाराओं 409, 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बेहरा और मल्लिक को गुरुवार को कटक स्थित विशेष विजिलेंस न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। मामले की जांच अभी जारी है।