मयूरभंज जिले के एक छोटे से इलाके में साहस और प्रेम की मिसाल देखने को मिली, जब एक महिला ने जान जोखिम में डालकर भालू के हमले से अपने पति की जिंदगी बचा ली।
यह घटना करंजिया ब्लॉक की है, जहां मालदे सोरेन और उनकी पत्नी लिली सोरेन हातिसलाबेड़ा जंगल में पत्ते इकट्ठा करने गए थे। तभी अचानक छह भालुओं के झुंड ने उन पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से मालदे गंभीर रूप से घायल हो गए। पति की हालत देख लिली ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई। हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी से उन्होंने एक भालू पर वार किया और उसे घायल कर दिया। उनकी इस बहादुरी से भालू पीछे हट गए और मालदे की जान बच सकी, हालांकि वे बुरी तरह घायल हो चुके थे।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दंपती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें करंजिया अस्पताल ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए केंदुझर जिला मुख्य अस्पताल रेफर किया गया, जहां मालदे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
गांव के लोग लिली की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि लिली साहस न दिखातीं, तो मालदे की जान बचाना मुश्किल हो जाता।