सावन का पावन महीना आज से शुरू हो चुका है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ की नगरी में सावन के पहले शिव भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ा हुआ है। श्रावणी मेला के पहले दिन गुरुवार को सुबह 3 बजे से बाबा मंदिर का पट खुल गया था। अरघा सिस्टम से लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक कर रहे। हर साल पूरे सावन में दूर-दराज से आए लाखों शिव भक्त अरघा के माध्यम से देवघर में जलार्पण करते हैं। अहले सुबह से बाबा नगरी हर-हर महादेव की गूंज से गुंजायमान है। सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर की महिमा विशेष मानी जाती है। वहीं, भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए है। एक महीने तक देवघर में भव्य श्रावणी मेला लगता है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए केवल झारखंड ही नहीं,बल्कि देश-विदेश से भी लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। पूरे सावन माह में बाबा नगरी में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। पहले दिन बैद्यनाथ मंदिर में सुबह सरदारी पूजा के बाद सरदार पंडा द्वारा बाबा बैद्यनाथ को सबसे पहले पूजा किया गया। जिसके बाद पूरे विधि विधान से अरघा लगाया गया।
वहीं,देवघर डीसी ने बताया कि आज से देवघर पहुंचने वाले कांवरिया के लिए अरघा से जलार्पण की व्यवस्था की गई है। मंदिर में 2 अरघा लगाए गए है एक गर्भगृह के अंदर और एक बाहर जहां से कावरिया सुगमता पूर्वक जलार्पण और दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावे कांवरियों की तमाम सुविधाओं को दुरुस्त कर लिया गया है।वहीं, बाह्य अरघा भी आज से शुरू हो गया है जो अब सालों भर रहेगा। बाह्य अरघा से जलार्पण करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु रात 2 बजे से ही मंदिर प्रांगण पहुंचने लगे थे।