एक तरफ जब विभिन्न मामलों में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर ईडी और सीआईडी का सिकंजा कसता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके निजी सहायक समित राय भी मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। अब अग्रिम जमानत का आवेदन करते हुए अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं सुमित राय के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर दिया गया है। सोमवार (15 जून) को न्यायाधीश जय सेनगुप्ता की अदालत में उन्होंने अग्रिम जमानत का अनुरोध करते हुए मामला दायर करने का आवेदन किया है। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने इस मामले की सुनवाई तुरंत करने का अनुरोध भी किया है जिसकी न्यायाधीश ने अनुमति दे दी है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी के सहायक सुमित राय के नाम पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। बताया जाता है कि शालबनी थाना में दर्ज मामलों में ही उनके खिलाफ यह वारंट जारी किया गया है।गौरतलब है कि गत शनिवार (13 जून) को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पश्चिम मिदनापुर के शालबनी थाना की पुलिस ने छापेमारी की थी। बताया जाता है कि उनके सहायक सुमित राय की तलाश में ही यह छापेमारी की गयी थी।
अभिषेक बनर्जी के सहायक सुमित राय के खिलाफ रुपए वसूली का मामला दायर किया गया है। इसके साथ ही भूमि घोटाला, वित्तीय प्रताड़ना और रुपए लेकर चुनाव का टिकट दिलाने की शिकायत भी दर्ज की गयी है। बताया जाता है कि सुमित राय के मोबाइल टावर का आखिरी लोकेशन कालीघाट दिखा रहा था। इसी वजह से 13 जून को कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के निवास पर पुलिस ने तलाशी ली थी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सुमित राय को हिरासत में लेने के लिए एक ओर जहां पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर सुमित राय पुलिस की गिरफ्तारी से बचने का हर संभव कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया गया है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सुमित राय अपने बचाव में कौन सा अगला कदम उठाते हैं।