बाहुड़ा यात्रा से पहले तीनों रथों की 'दक्षिण मोड़' रस्म हुई पूरी

  • Jul 22, 2026
Khabar East:Dakshina-Moda-Ritual-Of-All-Three-Chariots-Completed-In-Puri-Ahead-Of-Bahuda-Yatra
पुरी,22 जुलाईः

बाहुड़ा यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों भव्य रथों को सफलतापूर्वक दक्षिण दिशा की ओर (दक्षिण मोड़) घुमा दिया गया है।

मंगलवार को शुरू हुई इस प्रक्रिया में भारी बारिश के कारण काफी रुकावट आई। हालांकि मंगलवार को देवी सुभद्रा के 'देवदलन' रथ को सफलतापूर्वक घुमाकर गुंडिचा मंदिर के 'नकचना द्वार' के पास खड़ा कर दिया गया था, लेकिन भगवान बलभद्र के 'तालध्वज' रथ और भगवान जगन्नाथ के 'नंदीघोष' रथ को घुमाने का काम टालना पड़ा।

बुधवार सुबह 'तालध्वज' रथ को दक्षिण दिशा में घुमाया गया और उसके बाद 'नंदीघोष' रथ को भी 'नकचना द्वार' की ओर ले जाया गया।

अब तीनों रथों को दक्षिण दिशा में घुमाने का काम पूरा हो चुका है, जल्द ही रथों की तकनीकी जांच की जाएगी।

लगातार बारिश के कारण, रथ अभी 'सरधाबाली' में पानी से भरे इलाके में खड़े हैं। उन्हें बैरिकेडिंग और कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

'दक्षिण मोड़' रस्म भव्य बाहुड़ा यात्रा से पहले की एक अहम तैयारी है, जिसके दौरान देवी-देवता गुंडिचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर लौटते हैं।

 कल हुई भारी बारिश ने रस्मों में बाधा डाली, जिससे श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) को दो रथों को घुमाने का काम बीच में ही रोकना पड़ा।

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Khabar East

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