ब्रम्हपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
ओयूएचएस ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है। विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार समिति को 72 घंटे के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर जांच में साइबर सेल की भी सहायता ली जाएगी। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि प्रश्नपत्र कथित रूप से कैसे और किस स्तर पर लीक हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल थे और शिकायत में कितनी सच्चाई है।
प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद पीजी परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं चिकित्सा शिक्षा प्रणाली की साख को प्रभावित करती हैं। छात्रों और आम लोगों ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ओयूएचएस ने कहा है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।