भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में ओडिशा विजिलेंस को बड़ी सफलता मिली है। आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में इंडो ब्रिटिश हेल्थ ऑर्गनाइजेशन, पुरी के पूर्व सहायक परियोजना अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. हृदानंद सामंत को दोषी ठहराया गया है।
ओडिशा विजिलेंस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, सामंत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(e) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था। उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का आरोप था।
भुवनेश्वर के अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस ने मामले में सामंत को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई। अदालत ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।