ओडिशा में जारी बाढ़ की स्थिति के कारण अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह जिलों में 2.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। यह जानकारी बुधवार को विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने दी। बुधवार सुबह 9 बजे जारी बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के छह जिलों के 748 गांवों, 233 ग्राम पंचायतों, 44 ब्लॉकों, छह शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) और चार वार्डों में कुल 2,03,208 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन अब तक 27,967 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुका है, जबकि 226 गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ के कारण नौ मवेशियों की भी मौत हुई है।
बालेश्वर जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 378 गांवों और 12 ब्लॉकों में 1,09,429 लोग प्रभावित हुए हैं। जिले में 19,080 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 654 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने 125 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 16,987 लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
भद्रक जिले में पांच ब्लॉकों के 220 गांवों में करीब 80,000 लोग प्रभावित हुए हैं। यहां 5,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 41 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
ढेंकानाल जिले में बाढ़ के कारण चार लोगों की मौत हुई है, जबकि 13 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
जाजपुर जिले में 75 गांवों के 11,156 लोग प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने 1,640 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिले में 4,072 हेक्टेयर से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 20 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
मयूरभंज जिले में 2,487 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 1,917 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिले में 3,744 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है और 87 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
संबलपुर जिले में 88 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और सात मकानों को नुकसान पहुंचा है।
राज्यभर में बाढ़ के कारण अब तक 7,901 हेक्टेयर कृषि भूमि की फसलें तथा 761 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।