ओडिशा हाईकोर्ट ने जन सुरक्षा, ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए कटक में लेज़र लाइट के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अत्यधिक रोशनी और साउंड सिस्टम पर भी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
एक महत्वपूर्ण आदेश में अदालत ने पूरे शहर में लेज़र लाइट के उपयोग पर रोक लगा दी है। यह कदम लेज़र किरणों से संभावित स्वास्थ्य जोखिम, त्योहारों के दौरान होने वाली बाधाओं और आम लोगों को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
इसके अलावा अदालत ने रात 10 बजे के बाद जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई है और देर रात सार्वजनिक तथा निजी स्थानों पर सजावटी या अत्यधिक रोशनी के इस्तेमाल को सीमित करने का निर्देश दिया है, ताकि प्रदूषण, ऊर्जा की बर्बादी और लोगों को होने वाली परेशानी कम की जा सके।
अत्यधिक रोशनी और तेज ध्वनि वाले डीजे के उपयोग को भी नियंत्रित किया गया है, खासकर सार्वजनिक कार्यक्रमों, शादी-ब्याह की बारातों और अन्य समारोहों में।
पीठ ने भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस को इन प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए हैं।
ये आदेश पहले त्योहारों (जैसे दुर्गा पूजा और दशहरा) के दौरान अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के क्रम में प्रतीत होते हैं, जिनमें सुरक्षा और दुर्घटनाओं या संभावित सामुदायिक तनाव को रोकने के लिए लेज़र लाइट, डीजे, पटाखों और ऊंचे रोशन ढांचों पर भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं।