ओडिशा कैबिनेट ने बुधवार को ओएसडब्लूएएस 3.0 के कार्यान्वयन के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) लिमिटेड की एकमात्र बोली को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 122.60 करोड़ रुपये की बातचीत के बाद तय लागत पर लागू की जाएगी, जिसमें टैक्स शामिल नहीं हैं। पांच साल तक सहायता के साथ लागू होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक माइक्रोसर्विस-आधारित आर्किटेक्चर और उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को अपनाकर ओडिशा सचिवालय वर्कफ्लो ऑटोमेशन सिस्टम (OSWAS) को अगली पीढ़ी के डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना है।
ओएसडब्लूएएस राज्य सरकार की प्रमुख डिजिटल गवर्नेंस परियोजना है। इस प्रणाली ने निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज और बेहतर बनाने के साथ-साथ प्रक्रियागत एवं प्रशासनिक देरी को कम करने में मदद की है। सरकार के एंड-टू-एंड डिजिटल फाइल प्रोसेसिंग और पेपरलेस कार्यालय व्यवस्था स्थापित करने के प्रयासों के तहत इसे ब्लॉक और तहसील स्तर के कार्यालयों तक भी विस्तारित किया गया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, 2025-26 के दौरान OSWAS 2.0 का ब्लॉक स्तर के कार्यालयों तक विस्तार तेजी से हुआ। इस दौरान कवर किए गए कार्यालयों की संख्या में 638 प्रतिशत, जबकि उपयोगकर्ताओं की संख्या में 247 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
टीसीएस ने पहले भी इस प्रणाली को विकसित किया था। उसका अनुबंध समाप्त होने के बाद और शासन व्यवस्था में OSWAS के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिक स्केलेबिलिटी, सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और दक्षता के साथ OSWAS 3.0 विकसित करने का निर्णय लिया।
इसके बाद खरीद संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार eNivida पोर्टल के माध्यम से टेंडर जारी किया गया। इसमें TCS एकमात्र बोलीदाता के रूप में सामने आई। ओडिशा जनरल फाइनेंशियल रूल्स (OGFR) के तहत बोली के मूल्यांकन और बाद में हुई बातचीत के बाद कंपनी ने 122,60,25,436 रुपये की अंतिम कीमत पर सहमति जताई। इसमें टैक्स शामिल नहीं हैं।
लागू वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन के अनुसार प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा गया, जिसे बुधवार को हुई बैठक में मंजूरी दे दी गई।