ओडिशा में शुक्रवार को गांधी जयंती और शास्त्री जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राज्य विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और प्रभाति परिडा समेत कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री माझी ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका त्याग, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत है। महात्मा गांधी ने न केवल भारत को स्वतंत्रता दिलाने में नेतृत्व किया, बल्कि दुनिया को सत्य, अहिंसा और असहयोग का मार्ग भी दिखाया। उनकी सोच समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा, स्वच्छता को अपनाने और स्वदेशी को बढ़ावा देने पर केंद्रित थी।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांधीजी के आदर्शों को साकार किया जा रहा है। स्वच्छता जन आंदोलन बन चुकी है, स्वदेशी ने आत्मनिर्भर भारत का रूप लिया है और अंत्योदय योजना समाज के सबसे गरीब लोगों को सशक्त बना रही है।
लाल बहादुर शास्त्री की विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सादा जीवन, उच्च विचार और ईमानदारी पूरे समाज के लिए आदर्श है।
उन्होंने कहा, “शास्त्री जी के ‘जय जवान, जय किसान’ के आह्वान ने हर भारतीय में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों तथा शास्त्री जी की राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को मार्गदर्शक आदर्श मानते हुए समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण के लिए लगातार काम करती रहेगी।
इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गांधीजी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का सामूहिक गायन भी किया गया।
कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, लोक निर्माण, कानून एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिग और सरकारी मुख्य सचेतक सरोज कुमार प्रधान समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।