प्रसिद्ध रेत कलाकार एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सुदर्शन पटनायक और सैंड एनीमेशन कलाकार मानस साहू ने शुक्रवार को भगवान कृष्ण की रेत कला के जरिए आकर्षक प्रस्तुति देकर जन्माष्टमी का पर्व मनाया। पुरी समुद्र तट पर सुदर्शन पटनायक ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप को दर्शाती एक भव्य रेत मूर्ति बनाई। इसके चारों ओर 101 माखन हांडियां सजाई गई थीं। कलाकृति में बाल कृष्ण को माखन खाते हुए दिखाया गया है। पास में बांसुरी और गाय को भी दर्शाया गया है, जबकि माखन और दही से भरे कई मटके इस कलाकृति के धार्मिक एवं पारंपरिक स्वरूप को और आकर्षक बना रहे थे।
बाल कृष्ण के मनमोहक स्वरूप और उनके बचपन से जुड़े पारंपरिक प्रतीकों को दर्शाने वाली इस बारीक रेत कलाकृति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सुदर्शन पटनायक ने इस कलाकृति की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
पटनायक ने लिखा, “जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं! जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मैंने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर 101 माखन हांडियों के साथ भगवान कृष्ण की भक्ति से ओत-प्रोत रेत कलाकृति बनाई है। इस रेत कला के माध्यम से मैं सभी के लिए शांति, सुख और समृद्धि की हृदय से कामना करता हूं।”
वहीं, मानस साहू ने भी भगवान कृष्ण को समर्पित सैंड एनीमेशन के जरिए जन्माष्टमी मनाई। उनके एनीमेशन में कृष्ण के बाल स्वरूप को विभिन्न कलात्मक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान कृष्ण के चंचल और दिव्य व्यक्तित्व को दर्शाया गया।
मानस साहू की सैंड एनीमेशन ने कृष्ण के स्वरूप की एक अलग कलात्मक प्रस्तुति पेश की। इसमें रेत की बदलती आकृतियों और गतिशील दृश्यों के माध्यम से भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और उनसे जुड़ी भावनाओं को दर्शाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर इस कलाकृति को भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।
सुदर्शन पटनायक और मानस साहू की रेत कलाकृतियों ने ओडिशा में जन्माष्टमी के उत्सव को एक रचनात्मक आयाम दिया। दोनों कलाकारों ने पारंपरिक भक्ति को आधुनिक कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ जोड़कर भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।