दिमागी नक्सली विचारधारा पर चल रही बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिमागी नक्सलवाद की विचारधारा और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम के बयान पर कड़ा प्रहार किया है। विजय शर्मा ने कहा कि हमने नक्सलवाद को खत्म किया है और अब हम दिमागी नक्सलवाद को बाहर निकालेंगे। दुर्ग बीजेपी दफ्तर में कोर ग्रुप की बैठक लेने पहुंचे विजय शर्मा ने कांग्रेस पर चुन चुनकर प्रहार किए। बैठक में सांसद विजय बघेल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए नक्सलवाद, जेल में बंद नक्सल आरोपियों, वंदेमातरम् और दिमागी नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर अपना और सरकार रुख साफ किया। जेल में बंद नक्सल आरोपियों को लेकर विजय शर्मा ने कहा, ''पुराने मामलों में करीब 1300 लोग जेल में बंद हैं। जेल में बंद इन प्रकरणों को दो हिस्सों में बांटकर समीक्षा की जा रही है। जिन मामलों में जनहानि हुई है और दूसरे, जिनमें जनहानि नहीं हुई, साथ ही यूएपीए जैसे केंद्रीय कानून लगे मामलों और बिना केंद्रीय कानून वाले मामलों को अलग-अलग देखा जा रहा है।
विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद केवल जंगल में नहीं, दिमाग में भी होता है। सरकार की आलोचना और राष्ट्रविरोध के बीच अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ बोलने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएग। गृहमंत्री ने कहा की हमने जंगल से नक्सली निकाला है, जिनके दिमाग में होगा, उसे भी निकाल देंगे। उनके इस बयान ने बैठक के बाद सियासी माहौल को गरमा दिया है।