पश्चिम बंगाल में कोई भी घर बिना छत के नहीं होगी। हुगली के पुरशुरा में गुरुवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह घोषणा की। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री कृषक सम्मान निधि’ योजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 13 नवंबर को 7 लाख परिवारों को आवास योजना की दूसरी किस्त देने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं के लिए एक नई योजना ‘भरोसा’ की शुरुआत की जा रही है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन्हें पहली किस्त मिली थी, उन्हें तृणमूल ने डराया था कि भाजपा के आने पर उन्हें दूसरी किस्त नहीं मिलेगी। हमने 10 लाख 20 हजार लोगों को दूसरी किस्त के 60,000 रुपये दे दिए हैं।फिर काली पूजा (दिवाली) की छुट्टी समाप्त होने पर जिनका वेरिफिकेशन हो चुका है, उन्हें 13 नवंबर को और 7 लाख परिवारों को दूसरी किस्त के 60,000 रुपये मिल जाएंगे। 13 नवंबर की सुबह 11 बजे पंचायत मंत्री और शहरी विकास मंत्री को साथ बैठाकर मैं खुद रुपए ट्रांसफर करूंगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोई भी घर बिना छत का नहीं रहेगा। टिन, होगला/घास-फूस या खपरैल के घरों की जगह पक्के मकान बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बंगाल में प्राथमिक तौर पर 47 लाख लोगों का वेरिफिकेशन हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनवरी में नए घरों की पहली किस्त के 20 लाख रुपये भी दी जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में होने वाली नियुक्तियों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि PSC, SSC और PRB के माध्यम से कुल 63 हजार सरकारी नौकरियों की व्यवस्था की गई है। योग्यता और मेधा के आधार पर ही 8 मई 2027 तक 1 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए ‘भरोसा’ नाम से एक नई योजना भी ला रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में शुरू होने वाली नई योजना के बारे में कहा कि मेरे युवा भाइयों, ग्रेजुएट और नॉन-ग्रेजुएट, हम आपकी योजना का नाम ‘भरोसा’ दे रहे हैं। 23 नवंबर को कैबिनेट की बैठक में हम इस योजना को मंजूरी देंगे और जनवरी महीने से भरोसा योजना के तहत बेरोजगार युवक-युवतियों, जिन्हें किसी अन्य योजना का लाभ नहीं मिलता है, सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।