ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने गुरुवार को राज्य के आठ पर्यटन स्थलों पर आगामी इको रिट्रीट के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देने, पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा पर्यटकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
यहां पर्यटन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिडा ने कहा कि इस पर्यटन पहल की योजना बनाने और इसके संचालन में स्थानीय युवाओं तथा समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि इसके आर्थिक लाभ आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंच सकें।
उन्होंने सभी चिह्नित स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, बेहतर सड़क संपर्क और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही पर्यटकों को आरामदायक अनुभव देने के लिए सभी व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी संभव हो, वहां एडवेंचर स्पोर्ट्स और मनोरंजन संबंधी गतिविधियां शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने स्थानीय कला, परंपराओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने की भी बात कही। इसमें स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में पर्यटकों की सुरक्षा भी प्रमुख मुद्दा रही। परिडा ने प्रस्तावित स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और पैरामेडिकल सेवाओं सहित बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्य में आठ स्थानों—कोणार्क, सोनापुर बीच, दारिंगबाड़ी, तलामाली, कोलाब, हीराकुद, सतकोसिया और कुसुमबंध में इको रिट्रीट आयोजित करने की योजना है। इनमें तलामाली, कोलाब और कुसुमबंध नए पर्यटन स्थल हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे ओडिशा के प्राकृतिक आकर्षणों, सांस्कृतिक विरासत और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं पर आधारित एक संपूर्ण पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर भी पैदा होने चाहिए।
बैठक में पर्यटन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव बलवंत सिंह, विशेष सचिव लिप्सा दास, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, ओडिशा पर्यटन विकास निगम (OTDC) के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक उपस्थित थे।