भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर से जुड़ा विवाद और गहरा गया है, जिसके चलते पुलिस भी मामले में शामिल हो गई है। ओल्ड भुवनेश्वर निवासी अमरेन्द्र गरबडू ने मंदिर के कार्यकारी अधिकारी रुद्रनारायण मोहंती के खिलाफ लिंगराज थाना में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ।
बताया जा रहा है कि यह मामला ‘खीर आउत’ अनुष्ठान को लेकर उठा, जिसमें दो सेवायतों को उनके-अपने दायित्व सौंपे जाने को लेकर विवाद हुआ। अमरेन्द्र गरबडू ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए कार्यकारी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। यह मुद्दा तब और गंभीर हो गया जब मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा लिंगराज को लगातार दो दिनों तक उपवास पर रहना पड़ा।
शिकायतकर्ता अमरेन्द्र गरबडू ने कहा कि कार्यकारी अधिकारी रुद्रनारायण मोहंती के खिलाफ दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में मैंने यह स्पष्ट किया है कि सेवायतों के बीच विवाद के कारण भगवान लिंगराज को दो दिनों तक भूखा रहना पड़ा और उपवास करना पड़ा। ऐसी ही घटना 2025 में भी हुई थी। यदि कार्यकारी अधिकारी समय रहते उचित कदम उठाते, तो दोनों श्रेणियों के सेवायतों के बीच दायित्वों का बंटवारा किया जा सकता था और व्यवस्था सुचारु रूप से चलती। उनकी लापरवाही से भक्तों को भी कष्ट हुआ, इसी कारण मैंने शिकायत दर्ज कराई है। मुझे विश्वास है कि प्रशासन इस मुद्दे का समाधान करेगा और भगवान लिंगराज को न्याय दिलाएगा। सभी अनुष्ठान पूर्ववत शुरू होंगे और आवश्यकता पड़ी तो मैं इस मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाने के लिए भी तैयार हूं।
यह लिंगराज मंदिर में तनाव का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सेवायतों के बीच विवाद के कारण मंदिर की गतिविधियां अस्थायी रूप से प्रभावित होती रही हैं। फिलहाल मंदिर प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।