पवित्र रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) कार्यालय में अत्याधुनिक 'समर्पण' डिजिटल हुंडी का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य दुनिया भर के श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ से डिजिटल माध्यम के जरिए जोड़ना है। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत ओडिशा कंप्यूटर एप्लिकेशन सेंटर (OCAC) और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है। सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म को एसजेटीए के आधिकारिक पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे श्रद्धालु पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन दान कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रणाली से प्राप्त दानराशि का उपयोग श्रीजगन्नाथ मंदिर के विकास और रखरखाव में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 'समर्पण' डिजिटल हुंडी केवल तकनीक आधारित नवाचार नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में रहने वाले करोड़ों जगन्नाथ भक्तों की आस्था को मंदिर से जोड़ने वाला एक पवित्र और पारदर्शी माध्यम है।"
उन्होंने कहा कि यह पहल महाप्रभु जगन्नाथ की परंपरा के संरक्षण और मंदिर के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
'समर्पण' डिजिटल हुंडी की प्रमुख विशेषताएं
आसान लॉगिन: मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन की सुविधा। इसके लिए विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किया गया है।
कई भुगतान विकल्प: UPI, इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और व्हाट्सएप के माध्यम से दान किया जा सकेगा।
न्यूनतम दान की सीमा नहीं: श्रद्धालु केवल 1 रुपये से भी दान कर सकते हैं।
डिजिटल रसीद: भुगतान के तुरंत बाद डिजिटल रसीद डाउनलोड की जा सकेगी।
आयकर लाभ: 'रिपेयर एंड रेनोवेशन' और 'कॉर्पस' फंड में पैन विवरण के साथ किए गए दान पर आयकर में छूट मिलेगी।
डिजिटल साथी: ऐप के माध्यम से मंदिर की जानकारी, दैनिक नीतियां, ताजा अपडेट और पुरी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भक्त निवास के कमरे बुक करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रणाली सरल, पारदर्शी और समय बचाने वाली है, जिससे देश-विदेश में रहने वाले लाखों श्रद्धालु घर बैठे भगवान जगन्नाथ की सेवा में योगदान दे सकेंगे।
इस अवसर पर कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना, पुरी सांसद डॉ. संबित पात्रा, पिपिली विधायक आश्रित पटनायक, सत्यबादी विधायक ओम प्रकाश मिश्रा, मुख्य सचिव अनु गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सूचना एवं जनसंपर्क) हेमंत कुमार शर्मा तथा एसजेटीए के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।