पवित्र श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर के अंदर से कथित तौर पर ली गई ड्रोन वीडियो सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गई है, जिससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो "रवि तेलुगु ट्रैवलर" नामक अकाउंट से साझा किया गया, जिसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार मंदिर के ऊपर ड्रोन उड़ाने के मामले सामने आ चुके हैं। पुरी पुलिस ने पहले एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने का आश्वासन दिया था और सरकार ने उन्नत तकनीक तैनात करने की घोषणा भी की थी, लेकिन बार-बार ऐसे वीडियो सामने आना निगरानी या नियमों के पालन में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।
पुरी पुलिस और मंदिर प्रशासन वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार, पिछले 19 महीनों में मंदिर के ऊपर और आसपास कम से कम 10 बार अवैध रूप से ड्रोन उड़ाए गए। बीजद विधायक पीके देव के लिखित प्रश्न के जवाब में कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शनिवार को विधानसभा में बताया कि जून 2025 से अब तक ऐसे मामलों में सिंहद्वार थाना में 10 केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से दो मामलों में अंतिम रिपोर्ट दाखिल हो चुकी है, जबकि आठ मामलों की जांच जारी है।
पुरी जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक मंदिर के ऊपर या आसपास ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है और इसे दंडनीय अपराध माना जाता है।