बारीपदा की विशेष विजिलेंस अदालत ने गुरुवार को 15.58 लाख रुपये से अधिक के लोन घोटाले और सरकारी धन के गबन मामले में बारीपदा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के तीन पूर्व अधिकारियों समेत चार लोगों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास (RI) और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोषियों में बैंक की रायरंगपुर शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक (सेवामुक्त) अशुतोष मोहंती, बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त) कांतिलाल मुग्री, बैंक के पूर्व अध्यक्ष कृपासिंधु मोहंत और रायरंगपुर के ऋणधारक सलील अग्रवाल शामिल हैं। इन सभी को ओडिशा विजिलेंस द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज मामले में दोषी पाया गया।
विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, बारीपदा की अदालत ने माना कि तीनों बैंक अधिकारियों ने ऋणधारक के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों और अपर्याप्त गारंटी के आधार पर बैंक के नियमों का उल्लंघन करते हुए ऋण स्वीकृत और वितरित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस फर्जी ऋण वितरण के कारण 15.58 लाख रुपये से अधिक सरकारी धन का गबन हुआ।
दोषसिद्धि के बाद ओडिशा विजिलेंस ने कहा कि वह बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कांतिलाल मुग्री की पेंशन बंद कराने के लिए सक्षम प्राधिकरण से अनुरोध करेगा।