बिहार के सिवान में राजनीतिक गलियारे में हलचल मची है। जेडीयू की जिला परिषद अध्यक्ष संगीता यादव को पार्टी ने छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जदयू की तरफ से जारी लेटर में संगीता यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटाने की जानकारी दी गई है। प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा ने यह पत्र जारी किया है। संगीता यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। संगीता यादव के पति प्रोफेसर जयराम यादव को राजद ने एमएलसी शिक्षक सारण निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद जयराम यादव अपने सिवान स्थित आवास पहुंचे, जहां उनकी पत्नी संगीता यादव ने उनकी आरती उतारी और भव्य स्वागत किया था। इसके बाद ही जदयू की ओर से यह कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
जदयू की ओर से जारी पत्र में कार्रवाई के पीछे का कारण पति का स्वागत करना है, इसका कोई जिक्र नहीं है। बता दें कि राजद की ओर से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए प्रो. जयराम यादव को प्रत्याशी घोषित करने के बाद तरवारा मोड़ से उनकी स्वागत यात्रा शुरू हुई, यह कार्यक्रम जेपी चौक तक चला। इस दौरान समर्थकों ने उनका अभिनंदन किया। जेपी चौक पर प्रो. जयराम यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने शहर की अन्य प्रमुख प्रतिमाओं पर भी पुष्प अर्पित किए.प्रो. जयराम यादव के स्वागत कार्यक्रम में उनकी पत्नी संगीता यादव भी शामिल हुईं।
उन्होंने पति का स्वागत किया और आरती उतारी. संगीता यादव सिवान जिला परिषद की अध्यक्ष हैं और लंबे समय से जदयू से जुड़ी हुई हैं। वहीं उनके पति को राजद ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा है। प्रो. जयराम यादव की पहचान शिक्षक नेता और सेवानिवृत्त प्रोफेसर के रूप में बताई जाती है। वह इससे पहले भी सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार राजद के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर उनकी चुनावी सक्रियता बढ़ गई है।