संभावित चक्रवात और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए ओडिशा के कोरापुट जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासन ने चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिले में 26 अक्टूबर को हल्की बारिश, 27 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट और 28 अक्टूबर को रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए जिला और ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे सक्रिय रहने वाले नियंत्रण कक्ष शुरू कर दिए गए हैं।
बचाव एवं राहत कार्यों के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा, 54 नावों और आवश्यक मशीनों की भी व्यवस्था की गई है।
एहतियात के तौर पर अगले 15 दिनों के भीतर प्रसव की संभावित तारीख वाली करीब 600 गर्भवती महिलाओं को पहले से ही मां गृह, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्थानांतरित किया जा रहा है।
सभी चक्रवात आश्रय स्थलों में चूड़ा, गुड़, चावल और पॉलीथीन शीट सहित आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडार रखा गया है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल और जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है।
कोलाब बांध में जलस्तर 77 प्रतिशत तक पहुंचने के कारण प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। बांधों में जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए तेलंगिरी, इंद्रावती और दोलापुट बांधों के गेट खोलकर पहले से ही पानी छोड़ा जा रहा है।
भूस्खलन और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, राजस्व मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की।
जिला कलेक्टर ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला हेल्पलाइन नंबर 06852-251101 या 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।