राज्य में बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (साइन डाई) कर दिया गया। इसके साथ ही सोमवार को विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त हो गया। विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने मुख्य सचेतक सरोज कुमार प्रधान द्वारा सत्र समाप्त करने के लिए पेश किए गए प्रस्ताव के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
17वीं ओडिशा विधानसभा का सातवां सत्र 22 सितंबर को शुरू हुआ था और इसे तीन अक्टूबर तक चलना था। सत्र में कुल नौ कार्य दिवस निर्धारित थे, लेकिन यह केवल पांच कार्य दिवस के बाद ही समाप्त हो गया।
राज्य के कई हिस्सों में जारी बाढ़ की स्थिति के बीच सत्र को समय से पहले समाप्त करने का फैसला लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पांच कार्य दिवसों के दौरान विधानसभा ने चार विधेयक पारित किए।
इस सत्र के दौरान एमएमडीआर बिल और स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर बीजद और कांग्रेस के विपक्षी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी और विरोध किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सदन के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के साथ ही विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से पहले औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।