ओडिशा नक्सल मुक्त, अपराध नियंत्रण में बड़ी कामयाबी: डीजीपी खुरानिया

  • Aug 16, 2026
Khabar East:Odisha-Declared-Naxal-Free-Major-Gains-In-Anti-Drug-Ops-Crime-Control-And-Women-Safety-Outgoing-DGP
भुवनेश्वर, 16 अगस्त:

 

ओडिशा पुलिस ने पिछले दो वर्षों में कानून-व्यवस्था, नक्सल विरोधी अभियान, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। निवर्तमान डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने रविवार को इन उपलब्धियों को साझा करते हुए ओडिशा को नक्सल मुक्त राज्य घोषित किया जाना पुलिस बल की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। पुलिस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुरानिया ने कहा कि ओडिशा पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों के बाद 31 मार्च 2026 को ओडिशा को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त राज्य घोषित किया गया।

 पिछले दो वर्षों के दौरान केंद्रीय समिति के सदस्यों चलपति और गणेश उइके समेत 29 हार्डकोर माओवादी मारे गए, जबकि 83 ने आत्मसमर्पण किया और 15 को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों ने इस दौरान 176 हथियार और 159 आईईडी बरामद किए।

 दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच मलकानगिरी, रायगड़ा, कंधमाल और कालाहांडी में बड़े पैमाने पर माओवादियों के आत्मसमर्पण ने भी नक्सल विरोधी अभियान की सफलता को रेखांकित किया। अभियान को और मजबूत करने के लिए पूर्व सैनिकों से गठित ओडिशा स्पेशल स्ट्राइकिंग फोर्स (OSSF) की तीन अतिरिक्त बटालियन बनाई गईं, जिनके लिए 3,009 पद स्वीकृत किए गए। सुरक्षा कर्मियों के जोखिम भत्ते में भी वृद्धि की गई है। संशोधित आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत माओवादी कैडरों को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए 1.20 करोड़ रुपये तक के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

 पुलिस ने नशा मुक्त ओडिशा अभियान और ऑपरेशन प्रहार के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान भी तेज किया। करीब 4,195 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स जब्त या नष्ट किए गए। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 4,892 मामले दर्ज किए गए और 5,376 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

रिकॉर्ड 64,022 एकड़ अवैध गांजा खेती नष्ट की गई, जिसके तहत 1,395 मामले दर्ज किए गए और 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

 

 कुल अपराध में भी कमी का रुझान देखा गया। वर्ष 2024 की तुलना में कुल अपराध 2025 में 30.2 प्रतिशत और 2026 में 25.6 प्रतिशत घटा।

 अवैध हथियारों और खनिज तस्करी के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी। आर्म्स एक्ट के तहत 2,674 मामले दर्ज किए गए और 3,388 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान एके-47, इंसास राइफल और एसएलआर समेत 910 हथियार तथा 1,435 राउंड गोलियां जब्त की गईं।

अवैध खनिज खनन से जुड़े मामलों में 7,079 मामले दर्ज किए गए और 2,007 लोगों को गिरफ्तार किया गया। विशेष अभियान के तहत 34,978 गैर-जमानती वारंट और कुल 44,036 वारंट निष्पादित किए गए।

 महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा भी पुलिस की प्राथमिकता रही। ऑपरेशन अन्वेषण-2’ के तहत जनवरी 2026 में केवल 10 दिनों के भीतर पुलिस ने 5,451 लापता लोगों को तलाश लिया, जिनमें 786 बच्चे और 4,665 महिलाएं शामिल थीं।

वर्ष 2025 में पुलिस ने 19,211 लापता महिलाओं को तलाश लिया, जो उस वर्ष लापता हुईं 17,747 महिलाओं की संख्या से भी अधिक है।

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