ओडिशा ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से जुड़े 18 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में 11,742 मेगावाट की अतिरिक्त ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही ओडिशा को स्वच्छ ऊर्जा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को गति मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 के दौरान इन एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव उपस्थित थे। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम में ओडिशा पवेलियन और नीदरलैंड पवेलियन का उद्घाटन भी किया।
इस मौके पर विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त मुख्य सचिव देव रंजन कुमार सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव संजीब कुमार मिश्रा सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रस्तावित निवेश के तहत पंप्ड स्टोरेज, सौर एवं पवन ऊर्जा, हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, बैटरी ऊर्जा भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन डेटा सेंटर जैसे उभरते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन प्रस्तावित परियोजनाओं से ओडिशा के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की क्षमता का विस्तार होगा।
समिट में लगाया गया ओडिशा पवेलियन राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, रणनीतिक खूबियों और विभिन्न स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश के अवसरों को प्रदर्शित कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना और बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य की तैयारियों को सामने लाना है।
इन एमओयू का आदान-प्रदान ओडिशा की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उद्योग जगत की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। यह ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य सरकार ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों में विस्तार करने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है।
प्रस्तावित 11,742 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता से राज्य के स्वच्छ ऊर्जा संबंधी लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ देश के व्यापक ऊर्जा परिवर्तन अभियान में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला में उपलब्ध अवसरों और अपनी रणनीतिक खूबियों को सामने रखकर ओडिशा को निवेश के एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।