ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग आगामी पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची में त्रुटियों की पहचान करने के लिए 26 अक्टूबर से 7 नवंबर तक राज्यव्यापी घर-घर सर्वेक्षण कराएगा। ओडिशा के राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, सटीक और निष्पक्ष बनाना है। यह सर्वेक्षण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 21 सितंबर को प्रकाशित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मतदाता सूची के आधार पर किया जाएगा।
इस अभियान के तहत बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जलसाथी, स्वच्छसाथी और आशा कार्यकर्ताओं की टीमें घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण एकत्र करेंगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी पंचायत कार्यपालक अधिकारी (पीईओ), बीएलओ पर्यवेक्षक, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) करेंगे।
पाढ़ी ने लोगों से सर्वेक्षण में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हट गए हैं, वे आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपने नाम दोबारा शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नाम जोड़ने या उसमें सुधार के लिए फॉर्म-16 का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि अपात्र मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-17 का उपयोग किया जा सकेगा।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एक ही परिवार के सभी पात्र मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र की सूची में दर्ज किए जाएंगे, ताकि उन्हें मतदान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
वर्ष 2025 की मतदाता सूची के आधार पर सभी 30 जिलों में किए गए पायलट सर्वेक्षण में पाया गया कि मृत्यु या पलायन जैसे कारणों से लगभग 7.61 प्रतिशत अपात्र मतदाताओं के नाम अब भी सूची में मौजूद थे। वहीं, करीब 4.87 प्रतिशत पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब थे। राज्यव्यापी सर्वेक्षण का उद्देश्य इन विसंगतियों को दूर करना है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों के व्यापक पुनर्गठन की भी योजना बनाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड के लिए एक मतदान केंद्र स्थापित किया जाएगा। इससे मतदान केंद्रों की संख्या लगभग 39,000 से बढ़कर करीब 91,000 हो जाएगी। पंचायत चुनावों में मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में शुरुआती तौर पर लगभग 6,000 मतदान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है। नगर निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से कराए जाएंगे।
आयोग के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची जनवरी 2027 में प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 20 दिनों का समय दिया जाएगा।
अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी तक प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर पंचायत चुनाव कराने का रास्ता साफ हो सकेगा।