झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का अपनी लंबित मांगों एवं अधिकारों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी है। इसके तहत बुधवार को राज्य के सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया और 15 अक्टूबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर 16 अक्टूबर को हड़ताल की चेतावनी दी। संघ के प्रदेश महामंत्री सह रांची जिला अध्यक्ष सूरज साहू ने कहा कि कर्मचारियों का जुलाई 2026 से वेतन लंबित है, इसके अतिरिक्त मनमाने ढंग से वेतन कटौती, एम्बुलेंस की समय पर मरम्मत नहीं होने तथा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली नहीं होने के कारण कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
संघ की प्रमुख मांगों में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से शुरू करना, बर्खास्त कर्मचारियों की पुनः बहाली, लंबित वेतन का भुगतान तथा सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकारों को लागू करना शामिल है। सूरज साहू ने बताया कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके उलट, सरकार द्वारा एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिए जाने पर संघ ने आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि संघ का है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था करना कर्मचारियों के हितों की अनदेखी है। संघ द्वारा सम्मान फाउंडेशन कंपनी एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर 16 अक्टूबर 2026 को एकदिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की सूचना दे दी गई है, इसके तहत आज रात 8 बजे से 17 अक्टूबर 2026 की सुबह 8 बजे तक राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा पुर्णतः बाधित रहेगी।