पुरी श्रीमंदिर की अतिक्रमित जमीनों को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू

  • May 07, 2026
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भुवनेश्वर,07 मईः

ओडिशा सरकार ने गुरुवार को राज्य के भीतर और बाहर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) की जमीनों की पहचान कर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य मंदिर की संपत्तियों को मजबूत करना और एक बड़ा कोष (कॉर्पस फंड) तैयार करना है। यह फैसला राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें मंदिर की जमीनों की स्थिति की समीक्षा की गई और उनकी सुरक्षा एवं प्रभावी उपयोग को लेकर चर्चा हुई।

 बैठक के बाद मंत्री ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की लगभग 36,000 एकड़ जमीन की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से करीब 25 से 26 प्रतिशत भूमि पर वर्तमान में अतिक्रमण है।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी ऐसी जमीनों की विस्तृत पहचान कर उन्हें दोबारा सरकारी नियंत्रण में लाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

हालांकि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग लंबे समय से ऐसी जमीनों पर रह रहे हैं, उन्हें लागू कानूनी प्रावधानों के तहत बसावट (सेटलमेंट) का अवसर दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उद्देश्य भगवान जगन्नाथ के हितों की रक्षा करना है, साथ ही लंबे समय से रह रहे वास्तविक निवासियों के लिए संतुलित और कानूनी समाधान सुनिश्चित करना भी है।

 मंत्री ने आगे बताया कि वर्ष 2003 में लागू भगवान जगन्नाथ की जमीनों की एकरूप सेटलमेंट नीति में प्रक्रिया को तेज करने के लिए संशोधन की आवश्यकता थी। इस संबंध में कई बैठकें आयोजित की गई हैं।

 उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की जमीन पर रहने वाले लोगों को सेटलमेंट का अवसर दिया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष अतिक्रमित जमीन को वापस लिया जाएगा।

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Khabar East

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