श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे रत्नों और आभूषणों की सूची तैयार करने का कार्य वार्षिक स्नान यात्रा से पहले पूरा कर लिया जाएगा। यह जानकारी विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बुधवार को दी। इस प्रक्रिया का तीसरा चरण 13 अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि रत्न भंडार सूचीकरण का दूसरा चरण 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चार दिनों तक चलेगा, जिसके बाद 13 अप्रैल से अगला चरण शुरू होगा। अप्रैल महीने में कुल मिलाकर 10 से 12 दिनों तक यह कार्य किया जाएगा। इसके बाद मई और जून में भी आगे के चरण आयोजित किए जाएंगे, ताकि भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के प्रमुख स्नान उत्सव स्नान यात्रा (देव स्नान पूर्णिमा) से पहले पूरी प्रक्रिया समाप्त की जा सके।
मंत्री हरिचंदन ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान अभिलेखों का वर्ष 1978 के ऑडिट रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है और प्रत्येक वस्तु की डिजिटल फोटोग्राफी की जा रही है। इसके बाद इनके दीर्घकालीन संरक्षण के उपायों पर निर्णय लिया जाएगा। हमारा लक्ष्य स्नान यात्रा से पहले सूचीकरण कार्य पूरा करना है।