मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ओड़िया पखवाड़ा के अवसर पर राज्य के लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने की अपील करते हुए इसे “जीवन बचाने का सबसे महान तरीका” बताया है। 14 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव ओड़िया पक्ष के तहत आठ अप्रैल को पूरे राज्य में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, “रक्तदान ही जीवनदान है,” और नागरिकों से इस महान कार्य में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल लोगों की जान बचती है, बल्कि मानवता को भी सार्थकता मिलती है।
उन्होंने विशेष रूप से ओड़िया पक्ष के अवसर पर लोगों से आगे आकर रक्तदान करने और रक्त की कमी के कारण होने वाली मौतों को रोकने में सहयोग देने की अपील की। साथ ही सेवा भावना और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अपने सदेश में कहा कि -“जय जगन्नाथ। रक्तदान ही जीवनदान है। किसी का जीवन बचाने का अनुभव हमारी मानवता को सार्थक बनाता है। यदि एक स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान करता है, तो दूसरा व्यक्ति उस रक्त से जीवन पा सकता है। मैं सभी भाइयों और बहनों से इस महान कार्य में शामिल होने और रक्तदान की परंपरा को आगे बढ़ाने का अनुरोध करता हूं। ओड़िया पक्ष के उत्सव के अवसर पर आइए हम सभी स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लें और रक्त की कमी से होने वाली अनमोल जीवन हानि को रोकने में मदद करें। वंदे उत्कल जननी।”