बिहार सरकार ने राज्य के नए महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता और भारत सरकार के एडीशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। यह नियुक्ति पूर्व महाधिवक्ता पीके शाही के इस्तीफे के बाद की गई है।
पीके शाही ने 14 जून 2026 को महाधिवक्ता पद से अपना त्यागपत्र दिया था। उन्हें 16 जनवरी 2023 को बिहार सरकार ने इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर नियुक्त किया था। उनके पद छोड़ने के बाद राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता एसडी संजय को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
सडी संजय का जन्म एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता शिक्षक थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सर गनेश दत्त पाटलिपुत्र हाई स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की और वाणिज्य महाविद्यालय से स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की।
कानून की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ किया करके एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में वकालत शुरू की और संवैधानिक कानून, जनहित याचिकाओं, सिविल तथा आपराधिक मामलों में विशेष पहचान बनाई।
एसडी संजय ने वर्षों तक पटना हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों में भारत सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। वर्ष 2010 में उन्हें बिहार का अपर महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था और 2014 तक उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी निभाई।
इसके बाद वर्ष 2015 में उन्हें भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए एडीशनल सॉलिसिटर जनरल बनाया गया। वहीं 11 सितंबर 2024 को केंद्र सरकार ने उन्हें तीन वर्षों के लिए पुनः एडीशनल सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया था।