झारसुगुड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए वर्ष 1998 के हत्या मामले में पिछले 28 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 1998 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था और तभी से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364, 302, 201, 109 और 34 के तहत मामला दर्ज था। वर्ष 1998 में पुलिस जब उसे ले जा रही थी, तभी वह हथकड़ी सहित पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
फरारी के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए 'राजू गोंड' नाम अपना लिया और रायगढ़ में जाकर रहने लगा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फर्जी पहचान के आधार पर आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे।
लगातार खुफिया जानकारी जुटाने, सूक्ष्म सत्यापन और लंबे समय तक की गई निगरानी के बाद झारसुगुड़ा पुलिस ने आखिरकार आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में पेश कर दिया है।
पुलिस ने कहा कि यह गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून से बच पाना संभव नहीं है और फरार आरोपी को अंततः न्याय के कटघरे में लाया ही जाएगा।