शहरी सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने नगर निकायों में कार्यरत अस्थायी सफाई कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। अब जो कर्मचारी दिन में दो शिफ्ट में सफाई कार्य करेंगे, उन्हें दोगुना वेतन मिलेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य बीमा, फोटो पहचान पत्र और क्यूआर कोड आधारित निगरानी प्रणाली भी लागू की जाएगी। यह जानकारी राज्य के नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आसनसोल में दी।
नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बताया कि नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यरत अस्थायी सफाई कर्मचारियों में दो शिफ्ट में काम को लेकर जो भ्रम बना हुआ था, उसे अब दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र के निर्देशों के अनुसार बाजार, बस स्टैंड और घनी आबादी वाले इलाकों में सुबह के साथ-साथ दिन के दूसरे हिस्से में भी सफाई और नालों की सफाई का काम करना होगा। इसके बदले कर्मचारियों को सुबह मिलने वाले वेतन के बराबर ही शाम की शिफ्ट का भी भुगतान किया जाएगा। यानी दो शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को दोगुनी मजदूरी मिलेगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त वेतन का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो नियमित रूप से ड्यूटी करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले तीन महीने से काम पर नहीं आने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इन सभी कदमों का उद्देश्य शहरों में सफाई, कचरा प्रबंधन और नालों की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार चाहती है कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलें और पूरे राज्य में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हो।