ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से विशेष तीर्थयात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा–2026’ का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस विशेष ट्रेन के माध्यम से ओडिशा के एक हजार से अधिक श्रद्धालु गुजरात स्थित पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सामूहिक तीर्थयात्रा कार्यक्रम के तहत ओडिशा के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी ऐसी विशेष ट्रेनों को एक साथ रवाना किया गया।
यह लंबी दूरी की यात्रा केंद्र सरकार द्वारा देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे व्यापक सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा है। सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ यात्रियों के लिए आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है, ताकि उन्हें एक समग्र सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।
यह यात्रा सोमनाथ में आस्था और श्रद्धा के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु मंदिर परिसर में आयोजित विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेंगे, जिनमें भजन संध्या, रुद्राभिषेक, महाआरती, अखंड ओंकार जाप तथा सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर आधारित आधुनिक लाइट एंड साउंड शो प्रमुख हैं।
इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं सहित वर्तमान पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है। इसके लिए सांस्कृतिक, धार्मिक और शैक्षिक गतिविधियों को यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस तीर्थयात्रा के राष्ट्रीय महत्व और सांस्कृतिक उद्देश्य पर कहा,
"भारत के गौरव और स्वाभिमान को सशक्त बनाने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने देशभर में इस सामूहिक तीर्थयात्रा का आयोजन किया है। ओडिशा से रवाना हुई इस विशेष ट्रेन की तरह ही आज अन्य राज्यों से भी कई विशेष ट्रेनें शुरू की गई हैं।"
उन्होंने आगे श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कहा,
"श्रद्धालु केवल सोमनाथ पीठ के दर्शन ही नहीं करेंगे, बल्कि महाआरती, रुद्राभिषेक, अखंड ओंकार पाठ और मंदिर के इतिहास को दर्शाने वाले आधुनिक लाइट एंड साउंड शो का भी अनुभव प्राप्त करेंगे।"