मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को भुवनेश्वर के लोगों से अपील की है कि वे मिलकर शहर को देश का नंबर-1 सबसे स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर हमारा है और इसे स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी भी हमारी है। वर्तमान में स्वच्छता रैंकिंग में भुवनेश्वर देश में नौवें स्थान पर है। यदि हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाएं, तो हमारा शहर देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बन सकता है तथा पहला स्थान हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) की ओर से खंडगिरी में आयोजित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान में शामिल होने के बाद संबोधित कर रहे थे।
शहर की स्वच्छता को लेकर प्रत्येक नागरिक को जागरूक होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह हम अपने घर, आंगन, गली और परिसर को साफ रखते हैं, उसी तरह हमें अपनी सोच का दायरा थोड़ा और बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि अपने घर और कॉलोनी के सामने की सड़क को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।
उन्होंने लोगों से सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करने, घर पर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने और उसे नियमित रूप से कचरा संग्रह करने वाले वाहनों को सौंपने की अपील की। साथ ही उन्होंने लोगों से सड़कों पर कचरा फैलाने वालों को ऐसा करने से रोकने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले ही महात्मा गांधी ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के माध्यम से स्वच्छता के इस गांधीवादी सपने को एक व्यापक जनआंदोलन में बदलकर सफलतापूर्वक साकार किया है।
उन्होंने आगे कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत आज आयोजित विशेष ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ कार्यक्रम पूरे समाज को स्वच्छता से जोड़ने की दिशा में एक अभिनव और सराहनीय प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुवनेश्वर पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ हुआ है। अब इसे और बेहतर करने की जरूरत है।