झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिया है। ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में बुधवार शाम करीब 4.30 बजे हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। अदालत ने अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया और उनसे उनका पक्ष पूछा। इस पर सोरेन ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। आरोप तय होने के बाद अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। इस दिन से अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश दिया गया है। अदालत में पढ़े गए आरोपों के अनुसार, वर्ष 2010 से 2024 के बीच रांची के बड़गाईं अंचल के शांतिनगर स्थित 8.86 एकड़ जमीन हेमंत सोरेन के नियंत्रण में थी।
अभियोजन का आरोप है कि इस जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना के लिए विनोद कुमार सिंह से साइट प्लान तैयार कराया गया था। जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी लिए जाने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद जमीन की वापसी को लेकर राजकुमार पाहन के माध्यम से एसएआर कोर्ट में मुकदमा दाखिल किए जाने की बात भी अभियोजन की ओर से कही गई है। सोरेन ने अदालत के समक्ष इन आरोपों को भी निराधार बताया है। इस मामले में कुल 17 आरोपित हैं। सोरेन को छोड़कर अन्य 16 आरोपितों के खिलाफ पहले ही आरोप गठन किया जा चुका है। बुधवार को हेमंत सोरेन के खिलाफ भी आरोप तय होने के साथ ही सभी आरोपितों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए जाएंगे, जिसके आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।