ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर पुरी की विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को की 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' की सूची में शामिल कराने के लिए नामांकन का अनुरोध किया है। एक अगस्त को लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री ने श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, समावेशिता, आध्यात्मिकता, शिल्पकला, संगीत, नृत्य और जनभागीदारी का प्रतीक एक कालजयी सभ्यतागत परंपरा है।
पत्र में कहा गया है कि "सदियों से आयोजित हो रही यह रथ यात्रा दुनिया भर से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है तथा भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत के सबसे स्थायी प्रतीकों में से एक है। यूनेस्को की सूची में इसका शामिल होना भारत की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और भावी पीढ़ियों तक उनके संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एसजेटीए द्वारा निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक दस्तावेज और सहायक सामग्री पहले ही जमा की जा चुकी है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस प्रस्ताव की शीघ्र समीक्षा कराने तथा संस्कृति मंत्रालय की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान कर यूनेस्को के समक्ष नामांकन प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान संस्कृति मंत्रालय को जिस भी अतिरिक्त जानकारी या सहयोग की आवश्यकता होगी, उसे उपलब्ध कराने के लिए ओडिशा सरकार और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे।