पवित्र सावन महीने के पहले सोमवार के पावन अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने पुरी समुद्र तट पर भगवान शिव की आठ फीट ऊंची भव्य रेत प्रतिमा बनाई है। 'हर हर महादेव' संदेश के साथ बनाई गई इस कलाकृति में भगवान शिव को शांत और ध्यानमग्न मुद्रा में दर्शाया गया है, जो शांति, दिव्य शक्ति और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है। प्रतिमा में शिवलिंग, कांवर लेकर चलते दो कांवरिये, त्रिशूल, डमरू, चंद्रमा, नाग, रुद्राक्ष की माला तथा भगवान शिव की जटाओं से प्रवाहित होती पवित्र गंगा को भी दर्शाया गया है।
सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार की गई यह रेत प्रतिमा श्रावण मास की उस प्राचीन परंपरा को समर्पित है, जिसमें देशभर के लाखों श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। यह कलाकृति प्रथम श्रावण सोमवार के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को भी रेखांकित करती है।
इस अवसर पर सुदर्शन पटनायक ने कहा कि प्रथम श्रावण सोमवार के शुभ अवसर पर मैं भगवान शिव से विश्व शांति, सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करता हूं। महादेव का दिव्य आशीर्वाद हम सभी को शक्ति, करुणा और सकारात्मकता प्रदान करे। इस रेत प्रतिमा के माध्यम से मैं दुनिया भर के लोगों के बीच आस्था, आशा और आध्यात्मिक सौहार्द का संदेश फैलाना चाहता हूं।