भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने आगामी जनगणना कार्य के लिए आयोजित अनिवार्य प्रशिक्षण सत्रों में अनुपस्थित रहने वाले बड़ी संख्या में शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, गणनाकर्ता (एन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त कुल 436 शिक्षक बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए।
19 मार्च से चरणबद्ध तरीके से आयोजित इन प्रशिक्षण सत्रों का उद्देश्य जनगणना से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए कर्मियों को तैयार करना था। प्रशासन का कहना है कि शिक्षकों को पहले से सूचना दी गई थी और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क किया गया था।
इसके बावजूद चिन्हित शिक्षकों में से कोई भी प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं हुआ, जिससे प्रशासन में गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी आयुक्त चंचल राणा ने जनगणना निदेशक कार्यालय को पत्र लिखकर अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य एक वैधानिक (कानूनी) जिम्मेदारी है, इसलिए इसकी अनदेखी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
बताया गया है कि शिक्षकों की अनुपस्थिति पर जनगणना अधिनियम, 1948 तथा संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। नगर प्रशासन ने दोहराया कि जनगणना ड्यूटी सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होती है और इसका पालन न करने पर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।