ओडिशा सरकार ने पिछले महीने नेपाल में ग्लेशियर टूटने और अचानक आई बाढ़ की विनाशकारी घटना के बाद लापता हुए ओडिशा मूल के चार लोगों के परिजनों की डीएनए जांच रिपोर्ट नेपाल भेज दी है, एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
26 अगस्त को हिमालयी देश नेपाल में आई इस आपदा में कम से कम 1,410 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6,100 से अधिक लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों से बरामद कई शवों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। ऐसे में उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा डीएनए प्रोफाइलिंग का सहारा लिया जा रहा है।
ओडिशा के दो परिवार अपने लापता परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। खोरधा जिले के मूल निवासी संदीप महापात्र और उनकी पत्नी सिद्धार्थी कुमारी साहू वर्ष 2018 से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे थे। दोनों इस आपदा के बाद से लापता हैं।
इसी तरह बरगढ़ जिले की मूल निवासी गुन्नम साईबिंदु और उनकी 18 महीने की बेटी गुन्नम हरीक्षा भी लापता हैं। साईबिंदु के पति गुन्नम जय कृष्ण नेपाल के रसुवा जिले में एक जलविद्युत परियोजना में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। घटना के समय वह परियोजना स्थल पर थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटी करीब 14 किलोमीटर दूर एक आवासीय कॉलोनी में रह रही थीं। बाढ़ के पानी और मलबे की चपेट में आकर पूरी कॉलोनी बह गई।
डीएनए नमूने एनआरआई दंपति के माता-पिता और साईबिंदु के रिश्तेदारों से लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के साथ-साथ नेपाली अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि बरामद अज्ञात शवों के डीएनए से उनका मिलान किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि यदि डीएनए प्रोफाइलिंग के जरिए किसी अज्ञात शव से मिलान होता है, तो संबंधित परिवारों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेपाल के आठ प्रभावित जिलों से अब तक 1,410 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 13,756 लोगों को अब तक सुरक्षित बचाया गया है।