ब्यूटी मोहंती की संदिग्ध मौत की जांच के लिए गठित विशेष पुलिस टीम मामले के हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है। जांच में फॉरेंसिक और वित्तीय साक्ष्यों सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। यह जानकारी खिलारी ऋषिकेश ज्ञानदेव ने सोमवार को दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे फैलाएं। मीडिया से बातचीत में डीसीपी ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह चौलियागंज थाना परिसर स्थित सरकारी विश्राम कक्ष में ब्यूटी मोहंती का शव फंदे से लटका मिलने के बाद से ही वरिष्ठ अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन से ही एक समर्पित जांच टीम काम कर रही है। एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी), एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और दो निरीक्षक जांच की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान वैज्ञानिक टीम और पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल पर किसी दस्तावेज या सुसाइड नोट की तलाश की, लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ।
डीसीपी ने बताया कि ब्यूटी मोहंती का मोबाइल फोन जब्त कर उसे विस्तृत जांच के लिए राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) की साइबर फॉरेंसिक शाखा भेजा गया है। जांच टीम ने रिपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने का अनुरोध किया है। इसी उद्देश्य से सोमवार को पुलिस की एक अन्य टीम भी प्रयोगशाला पहुंची, ताकि फॉरेंसिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी मोहंती के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगलवार को मिलने की उम्मीद है, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
डीसीपी ने बताया कि मृतका के परिजनों से भी पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और हर संभावित पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अपुष्ट अफवाहें न फैलाएं।
चौलियागंज थाने की प्रभारी (आईआईसी) ब्यूटी मोहंती शनिवार सुबह थाना भवन की पहली मंजिल पर स्थित सरकारी विश्राम कक्ष में फंदे से लटकी मिली थीं। वह सरकारी आवास में अकेली रहती थीं। उनके पति समीर स्वाईं मुंबई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनके माता-पिता कटक सदर क्षेत्र में रहते हैं।
पुलिसकर्मियों को उस समय संदेह हुआ जब ब्यूटी मोहंती लगातार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं कर रही थीं। विश्राम कक्ष का दरवाजा कई बार खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। बाद में दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां उनका शव छत से लटका मिला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया।
इस बीच, ओडिशा पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने रविवार (5 जुलाई) को ब्यूटी मोहंती की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए 30 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की भी अपील की है।