मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन की सोच के साथ ओडिशा आज वन संरक्षण और हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) बढ़ाने के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "वैश्विक जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी से निपटने का एकमात्र स्थायी समाधान व्यापक स्तर पर पौधारोपण है। विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। इसी सोच के साथ ओडिशा ने वन संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने में देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य के वन एवं वृक्ष आच्छादन में 558 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है, जिससे ओडिशा इस मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सबुज महानदी मिशन' के तहत महानदी, तेल, इब, ब्राह्मणी, ऋषिकुल्या, बैतरणी और वंशधारा नदियों के किनारे 1.5 किलोमीटर चौड़ी हरित पट्टी विकसित की जा रही है, ताकि इन नदियों में वर्षभर जल प्रवाह बना रहे।
उन्होंने बताया कि 2025-26 में 774 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.65 लाख पौधे लगाए गए, जबकि 2026-27 में 2,702 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 9 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 'विस्तारित हरित पट्टी योजना' के तहत चालू वर्ष में 358 हेक्टेयर क्षेत्र में 15.93 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने के लिए इस वर्ष 6.95 लाख पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। 'आम जंगल योजना' के तहत 19,975 हेक्टेयर क्षतिग्रस्त वन क्षेत्र का पुनरुद्धार किया गया है, जबकि 1,488.52 करोड़ रुपये की आजीविका आधारित योजनाओं से 43.18 लाख स्थानीय लाभार्थियों को जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैम्पा (CAMPA) योजना के तहत अगले वर्ष 20,562 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र में वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से संचालित ओडिशा फॉरेस्ट्री सेक्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट-2 (OFSDP-II) में 1,210 वन सुरक्षा समितियां शामिल हैं।
तटीय क्षेत्रों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की मिष्टी (MISHTI) योजना के तहत 89 हेक्टेयर क्षेत्र में मैंग्रोव का रोपण किया जा रहा है, जबकि ECRICC परियोजना के तहत 2,405 हेक्टेयर लवणीय वन क्षेत्र का पुनरुद्धार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आकाशीय बिजली के प्रभाव को कम करने के लिए पिछले वित्त वर्ष में 17.90 लाख ताड़ के पौधे लगाए गए। वहीं, 1 जुलाई से केंद्र और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से 'विकसित भारत–रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' शुरू किया है, जिसके तहत पौधारोपण के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित किए जाएंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए ओडिशा के लोगों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष ओडिशा में 3.76 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों, पर्यावरणविदों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा सरकार के पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों का पालन करने की अपील करते हुए हरित, स्वस्थ और सुंदर ओडिशा के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।